गाइडलाइन रेट पर दुकानदारों की आपत्ति ने बढ़ाई दिक्कतें, निगम प्रशासन और कारोबारी आमने-सामने

गोलबाजार की दुकानों का मालिकाना हक देने की योजना शुरू से विवादों में घिरी रही है। पहले दुकानों की नापजोख को लेकर दुकानदारों ने आपत्ति जताई तो निगम और जिला प्रशासन ने नए सिरे से नापजोख कराई। फिर विकास शुल्क, निर्माण शुल्क को लेकर विवाद गहराया।

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रायपुर।। गोलबाजार में कारोबारियों को वर्षो पुरानी दुकानों का मालिकाना हक देने की योजना में एक के बाद एक कोई-न-कोई आपत्ति आ रही है। विकास और निर्माण शुल्क जैसी बड़ी आपत्तियों के निपटारे के बाद अब कारोबारी और निगम रजिस्ट्री की गाइडलाइन दर को लेकर आमने-सामने हो गए हैं। पिछले दिनों इसे लेकर महापौर के सामने दुकानदारों ने आपत्ति भी जताई थी। कारोबारियों का कहना है कि निगम प्रशासन ने मालवीय रोड ओर खुलने वाली गोलबाजार की मुख्य सड़क की दुकानों की गाइडलाइन दर एक लाख साढ़े आठ हजार प्रति वर्गमीटर तय की है। यही दर आरएस शुक्ला और बंजारी चौक की ओर खुलने वाली दुकानों के लिए तय करने का दुकानदार विरोध कर रहे हैं। इसे लेकर निगम प्रशासन और गोलबाजार के दुकानदार आमने-सामने आ गए हैं।

गोलबाजार की दुकानों का मालिकाना हक देने की योजना शुरू से विवादों में घिरी रही है। पहले दुकानों की नापजोख को लेकर दुकानदारों ने आपत्ति जताई तो निगम और जिला प्रशासन ने नए सिरे से नापजोख कराई। फिर विकास शुल्क, निर्माण शुल्क को लेकर विवाद गहराया। मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा तो उन्होंने दुकानदारों को राहत देते हुए दोनों शुल्क माफ करने की घोषणा कर दी। अब गाइडलाइन को लेकर आपत्ति उठने से एक भी दुकानदार रजिस्ट्री कराने को लेकर दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं।

मुख्य सड़क और भीतर की दुकानों की एक दर

दुकानदारों का कहना है कि मालवीय रोड की दुकानों और भीतर की सड़कों की दुकानों में बड़ा अंतर है। भीतर की सड़कों में छोटे छोटे कारोबारी हैं। एक लाख से ज्यादा गाइडलाइन दर पर दुकानों की रजिस्ट्री ये दुकानदार नहीं करवा सकेंगे। ऐसे में एक सामान सभी का रेट तय होने के बाद ही वे रजिस्ट्री कराएंगे।

चिकनी मंदिर से आरएस शुक्ला रोड की दुकानों पर अधिक आपत्ति

जिला प्रशासन ने गोलबाजार को दो चरणों में बांटा है। अभी फिलहाल चिकनी मंदिर से आरएस शुक्ला रोड रोड की दुकानों की गाइडलाइन दर को लेकर दुकानदारों की सबसे अधिक आपत्ति है। इस रोड की दुकानों की गाइडलाइन दर मालवीय रोड की तरह एक लाख से ज्यादा है। बाजार के चारों की मेन रोड की दुकानों, जिनमें मालवीय रोड की ओर चिकनी मंदिर से गोलबाजार थाना, चिकनी मंदिर से आरएस शुक्ला रोड और वहां से बंजारी रोड की ओर खुलने वाली दुकानों की गाइडलाइन दर एक लाख से ज्यादा तय की गई है। मेन रोड से भीतर के हिस्से में 20 मीटर के दायरे में जितनी भी दुकानें आ रही हैं, उनकी रजिस्ट्री दर भी इतनी ही तय की गई है। उसके बाद गाइडलाइन यानी रजिस्ट्री की दर आधी करीब 50 हजार प्रति वर्गमीटर तय की गई है।

यह कैसी गाइडलाइन

कारोबारियों का कहना है मालवीय रोड की दुकानों की कीमत और इस रोड की कीमत में काफी अंतर है। ऐसी दशा में दोनों सड़क की गाइडलाइन दर एक रखना उचित नहीं है। यह गाइडलाइन किस आधार पर तय की गई है, यह समझ से परे है। जहां पर छोटे-छोटे दुकानें है और ग्राहकों का पहुंचना भी मुश्किल होता है, वहां की दुकानों का रेट मुख्य सड़कों जैसा ही तय करना काफी गलत है। जब तक इसे दूर नहीं किया जाता कोई भी रजिस्ट्री नहीं कराएगा।

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